02/11/2009 12.57.15 कोलमबियन पुरोहि मिखाएल सिन्नोत्त को सुरक्षित छुड़ाने के प्रयास तेज
Justin Tirkey
मनीला, 2 नवम्बर, 2009। फिलीपींस में मोरो इस्मालिक लिबरेशन फ्रंट के द्वारा अपह्रत कोलमबियन पुरोहित मिखाएल सिन्नोत्त को सुरक्षित छुड़ाने के प्रयास तेज हो गये हैं। मुक्त कराने के लिये फादर मिखाएल सिन्नोत्त ने यह प्रस्ताव किया है कि एमआईएलएफ के सदस्य एक टास्क फोर्स का गठन करें ताकि बिना हिंसा के फादर को मुक्त किया जा सके। जाम्बोवान्गा डेल सूर के संकटकालीन समिति के अध्यक्ष गवर्नर औरोरा सेरिलेस ने कि विद्रोही दल को एक छोटा दल वनाना चाहिये ताकि वे पुरोहित को मुक्त कराने में कोई हिंसक वारदातें न हों। फिलीपींस की सेना ने भी इसके पहल अपील की थी कि 100 से ज्यादा हथियार युक्त लोगों को मुक्त कराने के अभियान मे सम्मिलित करने से आपसी झड़प की संभावना बढ़ जायेगी। क्राइसिस मैनेजमेंट समिति, सीएमसी ने विद्रोही दल से अपील की है कि वे 20 व्यक्तियों का ही एक दल बनायें जो पुरोहित के रिहाई के कार्य को मदद दें।उन्होंने यह भी बताया कि टास्क फोर्स के चार कार्य होगे। फादर माइकेल सिन्नोत के ठिकाने को पता बताना, मुक्त कराने के कार्य में मदद करना, फादर के लिये दवाई की व्यवस्था करना और पुरोहित को मुक्त कराने की अंतिम प्रक्रिया में मदद देना। सीएमसी के प्रवक्ता जून अलान ने बताया के वे विद्रोही दल के सदस्यों के दल बनाने के संबंध में सहमत हैं इसकी संख्या के बारे में उन्होंने कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की। ज्ञात हो कि फादर माइकेल सिन्नोत का अपहरण 11 अक्तूबर को दक्षिण फिलीपींस के पगदिआन शहर से कर लिया गया था। सेना के सू्त्रों का कहना है कि फादर सिन्नोत्त का अपहरण समुद्री डाकूओं के द्वारा कर लिया गया था और बाद में उन्हें मोरो इसलामिक लिबरेशन फ्रंट को सौंप दिया था। यह भी विदित हो कि फिलीपींस में कुछ मुसलिमों ने एक स्वतंत्र इसलामिक राष्ट्र के निर्माण के लिये सन् 1970 ईस्वी में एक दल बनाया। इसके करीब 15 हज़ार सदस्य हैं। इस दल ने सरकार को अपनी बात मनवाने के लिये कई विदेशियों के अपहरण भी किये।